पार्वती बोली शंकर से,
भोले हम रहेंगे तेरे साथ।
हर जन्म में तू संग रहे,
यही है मेरा विश्वास।।
तेरी जटाओं में गंगा बहे,
चरणों में बसी है काशी।
मैं तो तेरे प्रेम में रंगी,
छोड़ दी दुनिया सारी।।
कैलाश का हर कण बोले,
शिव-पार्वती की बात।
भोले हम रहेंगे तेरे साथ,
हर जन्म तेरी ही बात।।
ना चाहूं मैं स्वर्ग सुखों को,
ना ही रत्नों की बरसात।
मुझे चाहिए बस तू भोले,
और तेरा अटूट साथ।।