1. समुद्र मंथन और विषपान की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान हलाहल विष निकला जिससे सृष्टि को खतरा हो गया। भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए इस विष को पी लिया, लेकिन उसे अपने कंठ में ही रोक लिया, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और उन्हें नीलकंठ कहा जाने लगा।
सावन माह में भगवान शिव की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
2. शिवलिंग पर जलाभिषेक का महत्व
एक अन्य कथा के अनुसार, सावन के महीने में भगवान शिव को जल चढ़ाने