बाबा तेरे चरणों की धूल जो मिल जाए,
मेरे मन की गठरी भर जाए...
मैं जहाँ खड़ी हो जाऊँ, वहीं मंदिर बन जाए,
तेरे नाम का दीपक जले, तेरे गुणों का जाप हो...
बाबा तेरे चरणों की धूल...
नैना झुकें तो अरदास बन जाए,
होंठ सरकें तो मुनाजत बन जाए...
तेरी राह में जो आँसू गिरे, वो सब साजन पे हक हो...
बाबा तेरे चरणों की धूल...