जय शिव शंकर त्रिपुरारी,
जय गंगाधर गिरधारी।
भोलेनाथ महाकाल,
तेरी महिमा है निराली।
कैलाश के वासी,
करुणा के तू सागर।
भक्तों के रखवाले,
हरते तू ही सारे संकट।
जय शिव शंभू शंकर,
भोले बाबा त्रिपुरारी।
तांडव की तेरी लीला,
हिल जाए सारी दुनिया सारी।
त्रिशूलधारी, जटाधारी,
नागों के तू रखवाले।
भस्म रमाए तन पर,
चरणों में भक्त निहारे।
जय जय जय शिव शंकर,
कर दे कृपा हम पर भारी।
तेरे नाम की महिमा,
जग में सबसे न्यारी