जय रुद्रदेव महादेव,
देवों के देव महादेव।
त्रिशूलधारी, डमरूवाले,
भक्तों के भाव स्वीकारें।।
गंगा जटाओं में बसती,
नीलकंठ नाम उजाला।
कैलाशपति करुणामूर्ति,
तेरा रूप है निराला।।
जय रुद्रदेव महादेव,
देवों के देव महादेव।
भस्म रमाए अंग पर शिव,
भक्ति से मोहित होते।
भोलापन है सबसे न्यारा,
हर मन को तू ही भिगोते।।
शिवरात्रि तेरी रात है प्यारी,
डमरू बजे, तांडव जारी।
नंदी संग तू भ्रमण करे,
सारी सृष्टि तुझसे सारी।।
जय रुद्रदेव महादेव,
देवों के देव महादेव।
ॐ नम: शिवाय का जप करें,
तेरे चरणों में ध्यान धरें।
बम बम बोले कांवड़ लाएँ,
सावन में गीत तेरे गायें।।
जय रुद्रदेव महादेव,
देवों के देव महादेव।
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