शिव अमृतधारा बहती जाए,
दुख-दर्द सबको हरती जाए।
भोलेनाथ का नाम जो ले,
काया को अमृत करती जाए॥
काल से जो टकरा जाए,
भोले की छाया में छिप जाए।
हर हर शंकर, बम बम बोले,
भक्तों के सारे कष्ट डोले॥
ना डर कोई, ना भय बाकी,
जब साथ हो त्रिपुरारी की।
त्रिनेत्र खुले जब कृपा बरसे,
तो जीवन सारे रंग भर से॥
शिव की महिमा अगाध है सारा,
कण-कण में बसे महाकाल हमारा।
जपा करो हरदम शिव का नाम,
मिटेगा हर संकट, मिलेगा आराम॥
शिव अमृतवाणी का यह असर,
जैसे जलता दीप अंधेरे पर।
एक बार जो सच्चे मन गा ले,
भोले का आशीष सदा पा ले॥
हर-हर महादेव!
बोलो बम बम भोले!