नंद के घर देखो आए रे कन्हाई खूब हर्षाई देखो यशोदा माई आज बिरज में बाजे शहनाई गोकुल पूरा आज दे रहा बधाई
गैया-वैया छोड़ के ग्वाले, नंद के द्वारे आए। मोर पपीहा धुन में रम के, अपना नाच दिखाए।
हो श्याम सलोनी प्यारी सूरत, कितनी मन को भाए। कंस को जब ये खबर मिली तो, मन ही मन घबराए।
क्योंकि
कंस के काल की नंद के लाल की बोलो रे बोलो सारे जय हो गोपाल की
हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नंद आनंद भयो जय हो गोपाल की
गली-गली में शोर हो गया, नटखट कान्हा आए। माखन की मटकी भी पूरी, पल में चट कर जाए। वो डाल-डाल, सब पात-पात, चोरों की टोली साथ-साथ। अरे, आएगा ना कोई हाथ, चल हाथ उठा के नाच-नाच। झूम-झूम के, कूद-कूद के, लय पकड़ ले ताल की। बोलो रे बोलो सारे जय हो गोपाल की
कंस के काल की नंद के लाल की बोलो रे बोलो सारे जय हो गोपाल की
हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नंद आनंद भयो जय हो गोपाल की
भोला भाला मुखड़ा है आंखें है तीखी तीखी घुंघराले है बाल और मुस्कान मीठी मीठी
करने दर्शन सारे बृजवासी दौड़े आएं देख सूरतिया लाला की सब वारी वारी जाएं
एक झलक जो पाए उसको पल भर चैन ना आए भूख प्यास सब भूल के सारे जय जयकार लगाए
बिरज के ग्वाल की नटखट से लाल की बोलो रे बोलो सारे जय हो गोपाल की
हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नंद आनंद भयो जय हो गोपाल की
यशोदा मां के भयो लाल बधाई सारे भक्तन ने बाजे मंजीरा थाल बधाई सारे भक्तन ने खुशखबरी आज सबने सुनाओ झूमो रे नाचो सारे मौज मनाओ गोपाला लियो अवतार बधाई सारे भक्तन ने
यशोदा मां के भयो लाल बधाई सारे भक्तन ने
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
नंद के घर देखो आए रे कन्हाई खूब हर्षाई देखो यशोदा माई आज बिरज में बाजे शहनाई गोकुल पूरा आज दे रहा बधाई
गैया-वैया छोड़ के ग्वाले, नंद के द्वारे आए। मोर पपीहा धुन में रम के, अपना नाच दिखाए।
हो श्याम सलोनी प्यारी सूरत, कितनी मन को भाए। कंस को जब ये खबर मिली तो, मन ही मन घबराए।
क्योंकि कंस के काल की नंद के लाल की बोलो रे बोलो सारे जय हो गोपाल की
हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नंद आनंद भयो जय हो गोपाल की
गली-गली में शोर हो गया, नटखट कान्हा आए। माखन की मटकी भी पूरी, पल में चट कर जाए। वो डाल-डाल, सब पात-पात, चोरों की टोली साथ-साथ। अरे, आएगा ना कोई हाथ, चल हाथ उठा के नाच-नाच। झूम-झूम के, कूद-कूद के, लय पकड़ ले ताल की। बोलो रे बोलो सारे जय हो गोपाल की
कंस के काल की नंद के लाल की बोलो रे बोलो सारे जय हो गोपाल की
हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नंद आनंद भयो जय हो गोपाल की
भोला भाला मुखड़ा है आंखें है तीखी तीखी घुंघराले है बाल और मुस्कान मीठी मीठी करने दर्शन सारे बृजवासी दौड़े आएं देख सूरतिया लाला की सब वारी वारी जाएं
एक झलक जो पाए उसको पल भर चैन ना आए भूख प्यास सब भूल के सारे जय जयकार लगाए
बोलो
बिरज के ग्वाल की नटखट से लाल की बोलो रे बोलो सारे जय हो गोपाल की
हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की नंद आनंद भयो जय हो गोपाल की
यशोदा मां के भयो लाल बधाई सारे भक्तन ने बाजे मंजीरा थाल बधाई सारे भक्तन ने खुशखबरी आज सबने सुनाओ झूमो रे नाचो सारे मौज मनाओ गोपाला लियो अवतार बधाई सारे भक्तन ने
यशोदा मां के भयो लाल बधाई सारे भक्तन ने
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे