"सावन का महीना आया है..."
(भोलेनाथ को समर्पित गीत)
सावन का महीना आया है,
भोले का दरबार सजाया है।
हर-हर बम बम गूंजे देखो,
कांवड़ियों ने रंग जमाया है॥
गंगाजल ले कांवड़ लाए,
भोले को प्यारा जल चढ़ाए।
भक्ति में डूबा जन-जन सारा,
हर दिल से निकला त्रिपुरारी हमारा॥
नाचे गौरा, नाचे ग्वाला,
भक्ति में झूमे भोले का भक्त बाला।
साजे मृदंग, बजे डमरू,
जय हो नीलकंठ त्रिनेत्रधारी गुरू॥
सावन की फुहारों में घुला है रंग,
भोले की लीला है सबसे उमंग।
हर मंदिर में शंख बजे हैं,
भक्तों के स्वर शिव को सजे हैं॥
सावन का महीना आया है,
शिवशंकर का पर्व मनाया है।
भक्ति से बोलो "बोल बम-बम",
जय भोलेनाथ, हर हर बम बम!"