यह रही “आरती कीजै हनुमान लला की” – श्री हनुमान जी की प्रसिद्ध आरती हिंदी में:
आरती कीजै हनुमान लला की
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
जय हनुमंत संत हितकारी।
सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥
जन के काज विलंब न कीजै।
आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥
जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं ॥
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई ॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मह डेरा ॥