हे भोले शंकर पधारो,
मेरे घर आजाओ नाथ।
डमरू की धुन बजा दो,
हर लो मेरे सारे क्लेश।
त्रिशूल उठाओ संकट हरो,
भोलेनाथ दया कीजिए।
गंगा-जटा में बसी जो धार,
उससे मन को सींच दीजिए।
कैलाश के स्वामी आओ,
भस्म रमा लो इस तन पर।
शिवशंकर तुमसे आस लगी है,
ले लो मुझको अपनी शरण पर।
ॐ नमः शिवाय की गूंज उठे,
हर कोना शिवमय हो जाए।
तांडव रच दो दुःख का नाश हो,
हर हर महादेव गूंज उठाए।