हर हारे हुए को सहारा देते हैं,
भोले बाबा तो बस बहाना देते हैं।
जो भी शरण में आ जाये उनके,
कष्टों से उसको बचाना देते हैं॥
ना कोई बड़ा, ना कोई छोटा,
भोले के दर पर सबको होता कोटा।
आशा की जोत जलाना सिखाते,
टूटे दिलों को मुस्काना सिखाते॥
भस्म लपेटे, डमरू बजाएं,
दुखियों के दिल की वो बात जान जाएं।
एक बूंद गंगाजल बरसाएं,
तो जीवन के सारे पाप बह जाएं॥
जटाओं में गंगा, गले में सर्प,
भोले हैं भोले, नहीं कोई गर्व।
भक्तों को अपना बना लेते हैं,
हर हारे हुए को गले से लगाते हैं॥
हर-हर महादेव!
बम बम भोलेनाथ की जय!