हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी।।
मधुर बंसी की धुन सुनावे,
प्रेम में डूबे मन बावरे।
राधा के संग रास रचाए,
भक्तों के दुःख हर ले प्यारे।।
कृष्ण कृष्ण कृष्ण जपे आत्मा मेरी,
हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी।।
पीतांबर ओढ़े, मुकुट मोरवाला,
नंदलाल यशोदा का लाडला।
गोपियों के मन को हरने वाला,
कान्हा तू सच्चा रखवाला।।
कृष्ण कृष्ण कृष्ण जपे आत्मा मेरी,
हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी।।
गऊ चरावे, वृंदा में खेले,
माखन चुराए, लेकिन दिल दे ले।
उसके चरणों में स्वर्ग बसाया,
जिसने भी नाम तेरा गाया।।
कृष्ण कृष्ण कृष्ण जपे आत्मा मेरी,
हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी।।
शरण में ले लो जीवन हमारा,
भवसागर से तू ही उतारा।
तेरे बिना ना और सहारा,
हर पल नाम तेरा बस प्यारा।।
कृष्ण कृष्ण कृष्ण जपे आत्मा मेरी,
हे गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी।।