कंठ विराजो मां शारदे
कंठ विराजो मां शारदे, वीणा रवी रवीना।
मंगल मूरत दया की सागर, कर दो बुद्धि दवीना।।
कंठ विराजो मां शारदे, वीणा रवी रवीना।।
ज्ञान विधाता, शुभ गुण दाता, विद्यादेवी माता।
बुद्धि की ज्योति जला दो, अज्ञान अंधेरा काटा।।
कंठ विराजो मां शारदे, वीणा रवी रवीना।।
श्यामल वरण, शुभ चितवन, चंद्र समान मुख प्यारा।
करुणा बरसाओ मुझ पर, हर लो दुख सारा।।
कंठ विराजो मां शारदे, वीणा रवी रवीना।।
वीणा की मधुर ध्वनि से, मन मेरा नाच उठे।
मोह माया बंधन सारे, चरणों में आ टूटे।।
कंठ विराजो मां शारदे, वीणा रवी रवीना।।
तेरी कृपा से जीवन में, उजियारा ही उजियारा।
विद्या बुद्धि से भर दो, मेरा जीवन सारा।।
कंठ विराजो मां शारदे, वीणा रवी रवीना।।