करुणाकन्द कृपा कीजिए,
दीनन पर दया कीजिए।
शरण में आया हूँ अब तो,
भवसागर से पार कीजिए।।
बोलो नाथ दयानिधान,
दुखियों के तुम हो भगवान।
हर लो मेरे पाप-ताप,
बस चरणों में दो स्थान।।
भोले शंकर, शिव शम्भू,
त्रिशूलधारी, गंगाधर भू।
करो कृपा निर्बल पर,
सुन लो मेरी पुकार तू।।
अंधकार में भटक रहा,
दीप बनो जीवन में।
करुणाकन्द कृपा कीजिए,
बसा लो मुझे अपने मन में।।