मन्ने हरिद्वार घुमाइये तू,
भोले बाबा दर्शन कराइये तू।
गंगा मईया में डुबकी लगवा दे,
मन का सारा मैल छुड़ाइये तू।
त्रिपुंड लगा दूं माथे पे,
रूधिरा भस्म रमाइये तू।
कांवड़ भर दूं तेरे नाम की,
रास्ता भी दिखाइये तू।
भोला तेरा शहर सुहाना लागे,
हर हर की गूंज में मस्ताना लागे।
मन करे बस तेरा नाम जपूं,
हर दुखड़ा अब भुलाइये तू।
घंटी की वो धुन सुना दे,
आरती में रंग चढ़ाइये तू।
मन्नत का दिया जलाऊं मैं,
सच्चा भाव जगाइये तू।
मन्ने हरिद्वार घुमाइये तू,
कांधे पे हाथ धर जाइये तू।
भोले बाबा साथ में रहिए,
जिंदगी भी मुस्काइये तू।